नई पोस्ट करें

Resume: इस वेबसाइट की मदद से पांच मिनट में बना सकते हैं दमदार रिज्यूमे

2022-10-03 04:40:36 015

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमे4 Years of Modi: राष्ट्रीय राजमार्गों के मामले में मनमोहन के 10 साल पर मोदी के 3 साल हावी******Length of National Highways increase more in 3 years of PM Modi against 10 Years of Manmohan Singh says RBI Data पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र की सत्ता संभाले हुए 4 साल हुए हैं, ऐसे में 4 साल पूरे होने के मौके पर सरकार के किए गए कामों का हिसाब लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में इंडिया टीवी भी अलग-अलग क्षेत्र में हुए कामों की समीक्षा कर रहा है। आज हाम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री के कार्यकाल में के हुए निर्माण के बारे में और इसके लिए हमने (RBI) की तरफ से जारी आंकड़ों को आधार बनाया है। RBI के आंकड़ों से राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई के बारे में जो जानकारी निकलकर सामने आई है उसके मुताबिक पूर्व सिंह के 2 कार्यकाल यानि 2004 से 2014 में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में जितनी बढ़ोतरी हुई है उससे ज्यादा बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 साल के कार्यकाल में देखने को मिली है।RBI के आंकड़ों के मुताबिक 2003-04 के अंत में देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 58115 किलोमीटर थी, मई 2004 में ही मनमोहन सिंह पहली बार प्रधानमंत्री बने थे। मनमोहन सिंह का पहला कार्यकाल मई 2009 में पूरा हुआ था और RBI के आंकड़ों के मुताबिक 2008-09 के अंत में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 66754 किलोमीटर पहुंची थी, यानि लगभग 5 साल में 8639 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद मई 2009 से मनमोहन सिंह का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ था और यह मई 2014 तक चला। RBI आंकड़ों के मुताबिक 2013-14 के अंत में देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर 79116 किलोमीटर हुई थी। यानि मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में लंबाई 12362 किलोमीटर बढ़ी और दो कार्यकाल मिलाकर कुल लगभग 21000 किलोमीटर बढ़ोतरी हुई।वहीं 2013-14 के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में हुई बढ़ोतरी को देखें तो उनमें तेजी से बढ़ोतरी हुई है। के मुताबिक 2016-17 के अंत तक देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर 1,01,011 किलोमीटर हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2013-14 के बाद मई 2014 में कार्यभार संभाला है और उनके 3 साल के कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। 2013-14 से लेकर 2016-17 तक राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में 21895 किलोमीटर का इजाफा हुआ है।देश में सबसे ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तर प्रदेश में हैं, दूसरे नंबर पर राजस्थान, तीसरे पर महाराष्ट्र, चौथे पर आंध्र प्रदेश और पांचवें नंबर पर मध्य प्रदेश है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 के अंत तक उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 8483 किलोमीटर, राजस्थान में 7906 किलोमीटर, महाराष्ट्र में 7435 किलोमीटर, आंध्र प्रदेश में 5465 किलोमीटर और मध्य प्रदेश में 5194 किलोमीटर दर्ज की गई है।

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेSwine Flu: कोरोना के बाद अब स्वाइन फ्लू से बचना होगा, हाई अलर्ट पर ये राज्य******Highlights देश में बीते कई दिनों से कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन अब इसके साथ-साथ स्वाइन फ्लू का भी कहर भी शुरू हो गया है। महाराष्ट्र, दिल्ली जैसे राज्यों के बाद यूपी में भी इसके मामले आने लगे हैं। अभी कल ही उत्तर प्रदेश के मुरादाबा के रहने वाले एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। इसकी वजह से स्वास्थ विभाद हाई अलर्ट पर है। देश की राजधानी दिल्ली में भी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से दिल्ली को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।पहले कोरोना फिर मंकीपॉक्स अब स्वाइन फ्लू, एक के बाद एक बीमारियों के हमले इंसानों पर जारी हैं। इस वक्त देशभर में स्वाइन फ्लू के सैकड़ों मामले आ चुके हैं। अकेले महाराष्ट्र और यूपी के आंकड़े मिला लें तो वह 142 के पार चले जाते हैं। जबकि इस बीमारी से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वाइन फ्लू से महाराष्ट्र की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है। देश में सबसे ज्यादा मामले वहीं हैं।स्वाइन फ्लू एच1एन1 वायरस के संक्रमण के कारण होता है। इस बीमारी में बुखार, सर्दी, जुकाम, छींक आने की समस्या, गले में खराश, थकान, सांस लेने में परेशानी इत्यादि होती है। संक्रमण ज्यादा होने पर निमोनिया व छाती में दर्द हो सकता है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के अनुसार दिल्ली में पिछले साल स्वाइन फ्लू के 92 मामले रिपोर्ट हुए थे। इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के दो मामले रिपोर्ट हुए हैं।स्वाइन फ्लू का इलाज करने के लिए डॉक्टर्स एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर 48 घंटे के भीतर दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जाती है। लक्षण दिखने पर आपको सबसे पहले इलाज कराना चाहिए और सही समय पर दवा लेनी चाहिए। इसके अलावा स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आपको डाइट और लाइफस्टाइल का ध्यान रखना चाहिए। संक्रमण होने पर आराम करें और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फूड्स का सेवन करें। इस संक्रमण में बिना डॉक्टर की सलाह लिए किसी भी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।स्वाइन फ्लू बेहद तेजी से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। इसे हम H1N1 के नाम से भी जानते हैं। यह सुअरों से फैलने वाली खतरनाक संक्रामक बीमारी है। इस संक्रमित जानवर या इंसान के पास जाने पर H1N1 वायरस इंसानों के शरीर में मौजूद ह्यूमन फ्लू स्ट्रेन के संपर्क में आ जाता है। इससे यह बीमारी जानवरों के जरिए इंसानों में भी फैल जाती है। अगर बीमारी का स्तर खराब हो जाए तो यह आपकी जान भी लेलेती है।इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेChina Ambassadors Death: चीन में 1 साल के भीतर 4 विदेशी राजनयिकों की मौत, अब म्यांमार के राजदूत ने अचानक गंवाई जान, सवालों के घेरे में ड्रैगन******Highlights चीन में म्यांमार के राजदूत का निधन हो गया है। चीन की सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने म्यांमार के राजदूत मायो थांट पे की कथित मौत के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘आपने जो कहा, मैं उसकी पुष्टि कर सकता हूं।’ प्रवक्ता वांग वेनबिन ने यह नहीं बताया कि राजदूत की मौत कब और कैसे हुई। मायो थांट पे 2019 से ही चीन में म्यांमार के राजदूत के रूप में कार्यरत थे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘उन्होंने खुद को चीन-म्यांमार संबंधों के विकास के लिए समर्पित कर दिया था। हम उनके आकस्मिक निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त करते हैं और हमारी संवेदना उनके परिवार के साथ है।’हालांकि म्यांमार की एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राजदूत की मौत का कारण हार्ट अटैक हो सकता है। चीन के भीतर एक साल में चार विदेशी राजनयिकों की अचाक मौत हुई है। यहां रविवार को कुनमिंग शहर में अपनी जान गंवाने वाले थांट पे चौथे ऐसे अधिकारी हैं। अधिकारी की मौत के बाद से सोशल मीडिया पर चीन को लेकर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि म्यांमार के विदेश मंत्रालय ने राजदूत की मौत के कारण का अभी तक खुलासा नहीं किया है। म्यांमार के राजदूतों और चीनी भाषा वाले मीडिया का मानना है कि मौत का कारण हार्ट अटैक है।राजदूत मायो थांट पे को आखिरी बार शनिवार को चीन के दक्षिण-पश्चिमी युनान प्रांत में स्थानीय अधिकारियों के साथ एक बैठक में देखा गया था। इस प्रांत की सीमा म्यांमार से लगती है। यहां ये बात ध्यान देने वाली है कि चीन म्यांमार के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक है और उसने देश में सत्तारूढ़ सेना के लिए स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया है, जिसने पिछले साल फरवरी में म्यांमार की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। वहीं राजदूत की मौत पर चीन में म्यांमार के दूतावास ने तत्काल कोई बयान जारी नहीं किया है।राजदूत मायो थांट पे अपने देश की सरकार के सत्ता से हटने और सैन्य तानाशाही वाली सरकार के आने के बाद भी चीन में अपने पद पर बने हुए थे। हैरानी की बात ये है कि वह चीन में चौथे ऐसे राजदूत हैं, जिनकी बीते एक साल में मौत हुई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले चीन में जर्मनी के 54 साल के राजदूत जैन हैकर की सितंबर में मौत हो गई थी। उनका दफ्तर चीन की राजधानी बीजिंग में था, जहां उन्होंने निधन से दो हफ्ते पहले ही कार्यभार संभाला था। 65 साल के यूक्रेन के राजदूत का विंटर ओलंपिक के दौरान या बाद में बीजिंग आने पर निधन हुआ। वहीं अप्रैल में फिलीपींस के राजदूत जोस सैंटिआगो चितो का चीन के पूर्वी प्रांत अनहुई में कोरोना वायरस क्वारंटीन के दौरान निधन हो गया था।वहीं म्यांमार की बात करें, तो इसी हफ्ते खबर आई थी कि म्यांमार में सैन्य सरकार के नेता ने देश में चुनाव की तैयारी के वास्ते आपातकाल का विस्तार करते हुए और छह महीने तक शासन करने की घोषणा की थी। नेता ने साथ ही कहा कि ये चुनाव अगले साल होंगे। सेना ने पिछले साल एक फरवरी को आंग सान सू ची की चुनी हुई सरकार से सत्ता हथिया ली थी। सेना ने इसके लिए नवंबर 2020 के आम चुनाव में कथित धोखाधड़ी का हवाला दिया था, जिसमें सू ची की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी ने जबर्दस्त जीत हासिल की थी जबकि सैन्य समर्थित पार्टी ने खराब प्रदर्शन किया था। स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों ने कहा कि उन्हें अनियमितताओं का कोई सबूत नहीं मिला। सेना के सत्ता पर काबिज होने के खिलाफ देश भर में व्यापक अहिंसक विरोध प्रदर्शन किए गए।सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया किया, जिसके बाद लोकतंत्र समर्थक ताकतों को सशस्त्र प्रतिरोध को प्रेरित किया गया। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने म्यांमार में हिंसा की वृद्धि को गृहयुद्ध करार दिया है। सत्तारूढ़ स्टेट एडमिंस्ट्रेशन काउंसिल के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग ने सोमवार को प्रसारित एक भाषण में कहा कि पिछले साल सत्ता पर काबिज होने के बाद घोषित आपातकाल की स्थिति बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ‘देश को एक शांतिपूर्ण और अनुशासित बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के रास्ते पर वापस लाने और बहुदलीय लोकतांत्रिक आम चुनाव कराने के लिए और समय की जरूरत है।’सेना ने शुरू में घोषणा की थी कि सत्ता पर उसके काबिज होने के एक साल बाद नएचुनाव कराये जाएंगे, लेकिन बाद में कहा कि चुनाव वर्ष 2023 में होंगे। इसमें काफी संदेह है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे, क्योंकि सू ची की पार्टी के अधिकांश नेता जेल में बंद हैं और इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि पार्टी को सैन्य समर्थक अदालतों द्वारा भंग कर दिया जाएगा। मिन आंग हलिंग ने कहा कि सेना ने सत्ता पर काबिज होने के बाद से ‘अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए’ अपनी पूरी कोशिश की है। उन्होंने कहा, ‘हालांकि, देश के अंदर और बाहर स्थित आतंकवादी और उनका समर्थन करने वाले लोग और संगठन म्यांमार में लोकतंत्र को पोषित करने की कोशिश करने के बजाय, म्यांमार में तबाही लाने पर तुले हुए हैं।’

Resume: इस वेबसाइट की मदद से पांच मिनट में बना सकते हैं दमदार रिज्यूमे

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेRajat Patidar Postponed Marriage : RCB की कॉल पर शादी स्थगित कर IPL खेलने पहुंच गए थे रजत पाटीदार, पिता ने सुनाई पूरी कहानी******HighlightsIPL 2022 के एलिमिनेटर मैच में शानदार शतकीय पारी खेलने के बाद हर जगह, हर किसी की जुबां पर सिर्फ एक ही नाम है, रजत पाटीदार! शायद ज्यादातर क्रिकेट फैंस इससे पहले उन्हें कम ही जानते होंगे लेकिन पिछले एक दिन में हर किसी को पता चल चुका है कि कौन हैं रजत पाटीदार। इसी बीच उनसे जुड़ी एक और बात सामने आ रही है। रजत के पिता मनोहर पाटीदार ने मीडिया से बातचीत की और कई सारी बातें बताईं। इसी बीच उन्होंने बताया कि आरसीबी की एक कॉल पर रजत पाटीदार अपनी शादी स्थगित करके चले गए थे।रजत के पिता मनोहर पाटीदार ने मीडिया से बातचीत की और आरसीबी के बल्लेबाज की जिंदगी व उनके बचपन से जुड़े कई किस्से साझा किए। इसी बीच उन्होंने बताया कि, 28 वर्षीय रजत की शादी मई में होने वाली थी। लेकिन आरसीबी से कॉल आने के बाद उन्होंने अपनी शादी स्थगित कर दी। उन्होंने बताया कि,'र'मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब रजत पाटीदार की शादी जुलाई 2022 में हो सकती है। गौरतलब है कि आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन में उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था।कौन हैं रजत पाटीदार? इस सवाल का जवाब दिया उनके खुद पिता मनोहर पाटीदार ने। एलिमिनेटर मुकाबले में महज 54 गेंदों में 12 चौकों और सात छक्कों के साथ नाबाद 112 रन की धुआंधार पारी खेलने वाले रजत पाटीदार इंदौर के रहने वाले हैं। रजत के पिता मनोहर पाटीदार मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर के महारानी रोड बाजार में मोटरपंप का कारोबार करते हैं। अपने बेटे की उपलब्धि के बाद उनके घर और दुकान के बाहर मीडिया का तांता लग गया और उन्होंने बातचीत भी की और रजत से जुड़ी कई सारी बातें भी बताईं।रतज पाटीदार के पिता ने कहा कि,‘‘हमें उम्मीद थी कि रजत आईपीएल के एलिमिनेटर मुकाबले में 50 रन तो बना ही लेगा। लेकिन उसने शतक के साथ नाबाद पारी खेलकर हमें सुखद अचंभे में डाल दिया।’’ बीच सीजन में एक खिलाड़ी के चोटिल होने के बाद रिप्लेसमेंट के तौर पर आए रजत आरसीबी का हिस्सा बने थे। लेकिन 25 मई 2022 को खेली गई पारी ने उनकी तकदीर बदल दी है। मध्यप्रदेश के दाए हाथ के इस बल्लेबाज के पिता के मुताबिक उनके परिवार का क्रिकेट से जुड़ाव रजत के कारण ही हुआ।उन्होंने बताया कि,‘‘रजत बचपन से ही क्रिकेट का दीवाना था और खेल के प्रति उसका गहरा रुझान देखकर हमने उसे लगातार प्रोत्साहित किया।’’ उन्होंने बताया कि रजत केवल आठ साल की उम्र में इंदौर के एक क्रिकेट क्लब से जुड़ गए थे और 10 साल के होते-होते अपनी उम्र से बड़े लड़कों के साथ मैच खेलने लगे थे। पाटीदार ने रजत के अनुशासन के बारे में बताया कि,‘‘स्कूल का समय छोड़ दिया जाए, तो घर से क्लब और क्लब से घर-बचपन में हर मौसम में रजत की यही दिनचर्या होती थी। उसके दोस्त-यार भी गिने-चुने ही रहे। वह बचपन से अनुशासन का पक्का है।’’मनोहर पाटीदार ने बताया कि क्रिकेट की व्यस्तताओं के चलते रजत केवल 12वीं तक पढ़ सके। उन्होंने बताया,‘‘मैंने रजत का दाखिला एक स्थानीय महाविद्यालय में कराया, लेकिन परीक्षाओं के दौरान दूसरे शहरों में रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट व अन्य अहम क्रिकेट स्पधाएं पड़ने के कारण वह पेपर नहीं दे सका। क्रिकेट में उसका अच्छा प्रदर्शन देखकर मैंने भी उसकी महाविद्यालयीन पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया। अगर किसी मैच में वह जल्दी आउट भी हो जाता है, तो मैं उससे कहता हूं कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि उसे अगला मौका जल्द मिलेगा।’’रजत पाटीदार ने IPL 2022 के आधे सीजन के बाद आरसीबी के स्क्वॉड में एंट्री की थी। पिछले सीजन भी वह तीन मैचों में टीम के लिए 63 रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। लेकिन रिटेंशन नियमों के कारण वह रिलीज किए गए फिर मेगा ऑक्शन में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला। आईपीएल 2022 के प्लेऑफ के एलिमिनेटर में जब आरसीबी का सामना लखनऊ से था तो शुरुआती झटकों के बाद टीम की स्थिती खराब हो रही थी। ऐसे में संकटमोचक बनकर आए रजत ने 54 गेंदों पर 12 चौके और 7 छक्कों की मदद से 112 रनों की शतकीय पारी खेली और इतिहास रचते हुए अपनी एक नई पहचान बना ली।इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेIndia Couture Week: रैंप वॉक पर डायना पेंटी ने गाउन में तो रकुल प्रीत ने लहंगा पहनकर बिखेरा जलवा, देखें तस्वीरें******बॉलीवुड अभिनेत्री डायना पेंटी अपने हर लुक से हर किसी को इप्रेंस कर लेती हैं। जहां कांस में अपने लुक से हर किसी को टक्कर से वाली डायना एक फिर ट्रांसपेरेंट ड्रेस में किसी प्रिंसेस से कम नहीं लग रही हैं। वहीं रकुल प्रीत की बात करें तो वह खूबसूरत लहंगा में एक दम दुल्हन के रुप में नजर आ रही हैं।दिल्ली में हो रहे एफडीसीआई इंडिया कोचर वीक 2019 रुकल प्रीत और डायना पैंट ने रैंप वॉक किया। जहां डायना ने फैशन डिजाइनर गौरव गुप्ता के कलेक्शन को पेश किया। तो वहीं रकुल प्रीत ने फैशन डिजायनर रेनु टंडन के आउटफिट्स को पहनकर रैंप वॉक किया।डायना के लुक की बात करें तो उन्होंने खूबसूरत मेटालिक स्ट्रक्चर का गाउन पहना हुआ था। जिसमें वन शोल्डर स्ट्रेप है। जिसमें बहुत ही ज्यादा फ्लर्ड थे। यह खूबसूरत गाउन एक सी क्रीचर से इंस्पायर्ड है।इस लुक के साथ डायना ने सिल्वर ईयररिंग्स के साथ लो बन के साथ अपनी स्किन को थोड़ा Dewy किया हुआ था। इसके साथ ही ग्लोसी न्यूड लिपस्टिक चुना था। इस लुक में वह काफी खूबसूरत नजर आ रही थीं।वहीं रकुल प्रीत के लुक की बात करें तो उन्होंने खूबसूरत हैवी एब्राइड्री किया हुआ गोल्डन कलर का लहंगा पहना हुआ था। जिसमें मिरर वर्क भी किया गया था। इस लुक के साथ रकुल ने डीप नैक का ब्लाउज पहना। वहीं मेकअप की बात करें तो लाइट मेकअप और न्यूड लिपस्टिक के साथ हेयर ओपन किया हुआ था। वहीं कानों में हैवी ईयररिंग्स पहने हुए थे। इस लुक में रकुल प्रीत बेहद खूबसूरत नजर आ रही थीं।इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेVirat Kohli Covid Positive: विराट हुए थे कोविड पॉजिटिव, टीम इंडिया सावधान, इंग्लैंड दौरे लग न जाएं और झटके******Highlightsभारत को इंग्लैंड के खिलाफ 1 से 5 जुलाई तक बर्मिंघम में एक टेस्ट मैच खेलना है। टीम इसकी तैयारी के लिए 16 जून को ही इंग्लैंड पहुंच गई, लेकिन सूत्रों से मिल रही खबर के मुताबिक भारत की इन तैयारियों को झटका लग सकता है।इंग्लैंड में मौजूद टीम इंडिया के कैंप से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक 16 जून को लंदन पहुंचने पर हुई कोविड जांच में विराट कोहली पॉजिटिव पाए गए थे। वह इंग्लैंड दौरे के लिए टीम के साथ रवाना होने से पहले मालदीव में एक हफ्ते की छुट्टियां मना रहे थे जहां वे कोविड से संक्रिमित हो गए। उनकी रिकवरी लगभग पूरी हो चुकी है, फैंस इंग्लैंड में कोहली के साथ सेल्फी शेयर करते भी नजर आए।भारतीय टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ लीस्टशायर के खिलाफ 24 जून से होने वाले प्रैक्टिस मैच में पूरी ताकत के साथ टीम को उतारना चाहते थे, लेकिन मेडिकल स्टाफ ने टीम मैनेजमेंट को इससे बचने की सलाह दी है। उन्होंने कोविड से रिकवर हो रहे खिलाड़ियों पर शुरुआत में ही ज्यादा दबाव देने से मना किया है। यानी लीस्टरशायर के दौरान भारतीय टीम की आक्रामकता थोड़ी कम नजर आ सकती है।टीम इंडिया के सीनियर ऑफ स्पिनर आर अश्विन कोविड पॉजिटिव होने के चलते टीम के साथ इंग्लैंड नहीं जा सके थे। बीसीसीआई के मुताबिक, वे प्रैक्टिस मैच में शिरकत नहीं कर सकेंगे लेकिन 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में होने वाले टेस्ट मैच में उनके खेलने की उम्मीद की जा सकती है।पिछले साल कोविड संक्रमण और इससे जुड़े क्वारंटीन के नियमों के चलते भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैच की सीरीज को चार मैचों के बाद रोकना पड़ा था। भारतीय खेमे से अब तक दो खिलाड़ियों के कोरोना वायरस की चपेट में आने की खबर आ चुकी है। ऐसे में, टेस्ट सीरीज में 2-1 से आगे चल रही टीम इंडिया अपनी ताकत को कम करके जीत के मौके को गंवाना नहीं चाहेगी।

Resume: इस वेबसाइट की मदद से पांच मिनट में बना सकते हैं दमदार रिज्यूमे

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेCBSE 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाओं की डेटशीट ऐसे करें चेक, जानिए कौन से हैं वो 29 सब्जेक्ट******केन्‍द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 10वीं और 12वीं बोर्ड की शेष बची 29 महत्‍वपूर्ण विषयों की परीक्षाओं के लिए आज शाम 5 बजे डेट शीट जारी करेगा। ये जानकारी खुद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने आज शनिवार को दी। बताया जा रहा है कि सीबीएसई 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच आयोजित होंगी। केंद्रीय मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है कि 'कोरोना संकट के चलते सीबीएसई की बची हुई परीक्षाओं की अनिश्चितता बनी हुई थी। आज यह अनिश्चितता दूर करते हुए और विद्यार्थियों की उत्सुकता को देखते हुए, हम कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा की डेट शीट शाम 5 बजे जारी कर रहे हैं।'इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेकोल इंडिया में अपनी 3% हिस्‍सेदारी बुधवार को बेचेगी सरकार, 266 रुपए प्रति शेयर तय किया आधार मूल्‍य******Rupeeसरकार बुधवार को (सीआईएल) में अपनी तीन प्रतिशत हिस्‍सेदारी बेचने जा रही है। इस बिक्री के लिए सरकार ने प्रति शेयर 266 रुपए का न्‍यूनतम मूल्‍य तय किया है। यह बिक्री ओएफएस के जरिये की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इस हिस्‍सेदारी बिक्री से सरकार को 5,000 करोड़ रुपए की पूंजी मिलने की उम्‍मीद है। सूत्रों ने बताया कि अधिक बोली आने पर सरकार के पास अतिरिक्‍त 6 प्रतिशत हिस्‍सेदारी बेचने का भी विकल्‍प है। दो दिवसीय ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) बुधवार को संस्‍थागत बोलीदाताओं के लिए खुलेगा। रिटेल निवेशक गुरुवार को इसके लिए बोली लगा सकेंगे। रिटेल निवेशकों को अतिरिक्‍त 5 प्रतिशत डिस्‍काउंट दिया जाएगा।यदि कोल इंडिया लिमिटेड में सरकार अपनी पूरी 9 प्रतिशत हिस्‍सेदारी इस चरण में बेचती है तो उसे लगभग 15,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्‍मीद है। प्रति शेयर 266 रुपए का न्‍यूनतम मूल्‍य आज एनएसई पर बंद हुए कोल इंडिया शेयर मूल्‍य की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत या 11 रुपए कम है। एनएसई पर मंगलवार को कोल इंडिया का शेयर 277 रुपए पर बंद हुआ है। इससे पहले सरकार जनवरी 2015 में ओएफएस के जरिये कोल इंडिया में अपनी 10 प्रतिशत हिस्‍सेदारी बेच चुकी है। उस समय इस बिक्री से सरकार को 23,000 करोड़ रुपए हासिल हुए थे। वर्तमान में कोल इंडिया में सरकार की हिस्‍सेदारी 78.32 प्रतिशत है।

Resume: इस वेबसाइट की मदद से पांच मिनट में बना सकते हैं दमदार रिज्यूमे

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेभारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पर आया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान******अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक बार फिर भारत पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बयान दिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले दो हफ्तों में तनाव कम हुआ है। ट्रंप ने अपनी पुरानी बात दोहराते हुए फिर कहा कि वो दोनों देशों की मदद करना चाहते हैं और उनका ऑफर अभी भी खुला हुआ है।ट्रंप ने वॉइट हाउस में मीडियाकर्मियों से कहा, 'आप जानते हैं कि कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान में टकराव है। मेरा मानना है कि दो सप्ताह पहले जितना तनाव था उसमें अब कमी आई है।' जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को भारत सरकार द्वारा निष्प्रभावी किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।डोनल्ड ट्रंप ने पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा था जिसे इमरान खान ने फौरन मान लिया था लेकिन दो हफ्ते पहले फ्रांस में पीएम मोदी से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि दोनों देश आपस में मामला सुलझा सकते हैं इसलिए किसी तीसरे पक्ष की ज़रूरत नहीं है लेकिन अब एक बार फिर ट्रंप ने कहा है कि उनका आफर खुला है। हालांकि इस बार ट्रंप के सुर थोड़ा बदले हुए हैं।गौरतलब है कि ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर जुलाई में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिकी दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा था। भारत ने तुरंत इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। भारत ने ट्रंप के इस दावे का भी जोरदार खंडन किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यस्थता के लिए कहा था।पिछले महीने फ्रांस में मोदी और ट्रंप की मुलाकात हुई थी। इस दौरान ट्रंप ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे का समाधान करना है। पीएम मोदी ने भी स्पष्ट किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और किसी तीसरे देश को कष्ट नहीं दिया जाएगा।

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेMohan Bhagwat: मोहन भागवत बोले- मैं और मेरा नहीं, 'हम' के लिए काम करना चाहिए******Highlights राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के कामकाज के बारे में बताते हुए कहा है कि संघ भारतीय समाज को जगाने, एकजुट करने और उनकी भलाई के लिए काम कर रहा है, ताकि भारत दुनिया के लिए एक आदर्श समाज के रूप में उभर सके।आरएसएस के दिल्ली प्रांत की ओर से आयोजित 'सुयश- समाज उपयोगी युवा शक्ति ' परिचर्चा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक कभी भी अपने स्वयं के हितों पर ध्यान नहीं देते, हमेशा संपूर्ण समाज के लिए काम करते हैं और आगे भी करते रहेंगे।इसके साथ ही उन्होंने संघ के सभी कार्यकतार्ओं का आह्वान करते हुए यह भी कहा कि कल्याणकारी कार्य करते समय, समाज को खड़ा करने के प्रयास के समय सबको 'मैं' और 'मेरा' से ऊपर उठकर 'हम' के लिए काम करना चाहिए।संघ प्रमुख ने स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के अनेक विभूतियों ने योगदान दिया और बलिदान दिया लेकिन इसके बावजूद हमें एक समाज के रूप में संगठित होकर फलने-फूलने में समय लगा।भारतीय समाज के डीएनए का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि हजारों वर्षों की परंपरा से मिली सीख की वजह से ही हर भारतीय पूरी दुनिया में शांति, सत्य और अहिंसा की कामना करता है।उन्होंने समाज में व्याप्त निराशा की भावना को दूर करने की बात कहते हुए कहा कि लोगों को यह पता लगना चाहिए कि वास्तव में निराशाजनक बातों की तुलना में उससे चालीस गुना ज्यादा अच्छी बातें हमारे समाज में हो रही है, इसलिए निराश होने की आवश्यकता नहीं है।इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेकोरोना को लेकर नई गाइडलाइंस जारी, 1 से 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे ये नियम******गृह मंत्रालय नेकोविड-19से संबंधित निगरानी, नियंत्रण और सावधानी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संक्रमण की रोकथाम के कड़े उपाय करना, विभिन्न गतिविधियों पर SOPs जारी करने और भीड़ को नियंत्रण रखना अनिवार्य होगा। MHA की नई गाइडलाइन के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी।गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है किस्थानीय जिला, पुलिस और नगरपालिका अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार होंगे कि निर्धारित उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए। आदेश में कहा गया किराज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकार संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।केंद्रीय गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक, के बाहर किसी भी प्रकार का स्थानीय लॉकडाउन लागू करने के पहले राज्यों, केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों को केंद्र से अनुमति लेनी होगी।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने की स्थिति की निगरानी के लिए जारी नए दिशा-निर्देश1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे। नई गाइडलाइंस का मुख्य फोकस कोरोना वायरस के संक्रमण पर पाए गए काबू कोमजबूत करना है।केंद्रीय गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों/एसओपी की निगरानी, नियंत्रण और सख्त से नियमों के पालन पर ध्यान केंद्रित किया गया। जिला, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि निर्धारित उपायों का कड़ाई से पालन किया गया है। इसके साथ ही बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए केंद्र शासित राज्‍य अपने आकलन के आधार पर स्थानीय प्रतिबंध लगा सकते हैं। ने कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चिंता भीजाहिर की। इस पर मंत्रालय में आदेश में कहा किकुछ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में हाल में मामलों में बढ़ोतरी के चलते इस बात पर जोर दिया जाता है कि सावधानी बरतने की जरूरत है।राज्य/कें‍द्र शासित प्रदेश के अधिकारियों को सूक्ष्म स्तर पर गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए डेमोकेशनऑफ जोन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। कंटेनमेंट जोन की सूची संबंधित जिला कलेक्टरों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वेबसाइटों पर डाली जाएगी और यह सूची गृह मंत्रालय के साथ साझा की जाएगी।कंटेमेंट जोन में चिकित्सा आपात स्थिति, आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति होगी, जबकि बाहर के लोगों की आवाजाही नहीं होगी। गठित निगरानी टीमों द्वारा घर-घर निगरानी की जाएगी। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार परीक्षण किया जाएगा। कोरोना पॉजिटिव व्‍यक्‍ति को 14 दिनों के लिए क्‍वांरटीन रहना होगा और उसके संपर्क में आने वाले 80 प्रतिशत लोगों का 72 घंटे में पता लगाया जाएगा। COVID-19 रोगियों को जल्‍द ही उपचार सुविधाओं/घर (घर क्‍वारंटीन दिशानिर्देशों को पूरा करने के अधीन) में सुनिश्चित किया जाएगा।राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें कोरोना वायरस के उचित व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए और फेस मास्क, हाथ धोने और सोशल डिस्‍टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी। फेस मास्क पहनने की मुख्य आवश्यकता को लागू करने के लिए राज्य और कें‍द्र शासित प्रदेश उपयुक्त जुर्माना लगाने पर विचार कर सकते हैं। सार्वजनिक और कार्य स्थलों में फेस मास्क न पहनने वाले व्यक्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। भीड़-भाड़ वाली जगहों, विशेषकर बाजारों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक परिवहन में सोशल डिस्‍टेंसिंग के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एक SOP जारी करेगा, जिसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा सख्ती से लागू किया जाएगा।आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।कमजोर व्यक्तियों, अर्थात 65 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी जाती है। पड़ोसी राज्‍यों के साथ क्रॉस लैंड-बॉर्डर व्यापार के लिए व्यक्तियों और वस्तुओं पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस तरह के लिए कोई अलग से अनुमति/ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी।

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेलोकसभा चुनावों में हुई मणिशंकर अय्यर की ‘एंट्री’, पीएम मोदी को इशारों में फिर कहा ‘नीच आदमी’****** के आखिरी दौर से पहले के सीनियर नेता ने एक बार फिर विवाद को जन्म दे दिया है। अय्यर ने इशारों में प्रधानमंत्री को एक बार फिर ‘नीच आदमी’ कहा है। दरअसल, एक वेबसाइटमें लिखे अपने एक लेख में अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। इस लेख में उन्होंने प्रधानमंत्री की शिक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। अपने इस लेख के अंत में अय्यर ने पूछा है, 'याद है 7 दिसंबर 2017 को मैंने मोदी को क्‍या कहा था? क्‍या मैंने सही भविष्‍यवाणी नहीं की थी?'दरअसल, 7 दिसंबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के एक कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर इशारों में जमकर निशाना साधा था और कहा था कांग्रेस ने एक परिवार को बढ़ाने के लिए बाबा साहेब के योगदान को दबाया। प्रधानमंत्री के इस बयान प प्रतिक्रिया देते हुए अय्यर ने मोदी को 'नीच' और 'असभ्य' का था। अय्यर ने कहा, 'मुझको लगता है कि यह बहुत नीच किस्म का आदमी है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे मौके पर इस किस्म की गंदी राजनीति करने की क्या आवश्यकता है?'अय्यर ने अपने लेख में पीएम मोदी के रैलियों और इंटरव्‍यू में दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए उनकी शिक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। अय्यर ने भगवान गणेश की 'प्‍लास्टिक सर्जरी' और उड़नखटोलों को प्राचीन विमान बताने वाले उनके बयानों को 'अज्ञानता भरे दावे' कहा है। अय्यर ने मोदी के उस बयान पर भी निशाना साधा है जिसमें उन्होंने बालाकोट हमले के समय बादलों की आड़ का फायदा लेने की बात कही थी। अय्यर ने पीएम मोदी के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और जवाहरलाल नेहरू पर दिए गए बयानों का जिक्र करके भी हमला बोला है।इस बीच कांग्रेस ने अय्यर के बयान से पल्ला झाड़ लिया है। अय्यर के बयान से पाल्ला झाड़ते हुए कांग्रेस ने कहा है कि गलत बयान देने वालों पर अध्यक्ष राहुल गांधी कार्रवाई करते हैं। पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद का स्तर नीचे गिराया है।' आपको बता दें कि अय्यर के बयानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों में और उसके बाद गुजरात विधानसभा चुनावों में मुद्दा बना लिया था, और इन दोनों ही चुनावों में बीजेपी को जीत मिली थी।इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमे4 Years of Modi: राष्ट्रीय राजमार्गों के मामले में मनमोहन के 10 साल पर मोदी के 3 साल हावी******Length of National Highways increase more in 3 years of PM Modi against 10 Years of Manmohan Singh says RBI Data पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र की सत्ता संभाले हुए 4 साल हुए हैं, ऐसे में 4 साल पूरे होने के मौके पर सरकार के किए गए कामों का हिसाब लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में इंडिया टीवी भी अलग-अलग क्षेत्र में हुए कामों की समीक्षा कर रहा है। आज हाम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री के कार्यकाल में के हुए निर्माण के बारे में और इसके लिए हमने (RBI) की तरफ से जारी आंकड़ों को आधार बनाया है। RBI के आंकड़ों से राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई के बारे में जो जानकारी निकलकर सामने आई है उसके मुताबिक पूर्व सिंह के 2 कार्यकाल यानि 2004 से 2014 में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में जितनी बढ़ोतरी हुई है उससे ज्यादा बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 साल के कार्यकाल में देखने को मिली है।RBI के आंकड़ों के मुताबिक 2003-04 के अंत में देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 58115 किलोमीटर थी, मई 2004 में ही मनमोहन सिंह पहली बार प्रधानमंत्री बने थे। मनमोहन सिंह का पहला कार्यकाल मई 2009 में पूरा हुआ था और RBI के आंकड़ों के मुताबिक 2008-09 के अंत में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 66754 किलोमीटर पहुंची थी, यानि लगभग 5 साल में 8639 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद मई 2009 से मनमोहन सिंह का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ था और यह मई 2014 तक चला। RBI आंकड़ों के मुताबिक 2013-14 के अंत में देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर 79116 किलोमीटर हुई थी। यानि मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में लंबाई 12362 किलोमीटर बढ़ी और दो कार्यकाल मिलाकर कुल लगभग 21000 किलोमीटर बढ़ोतरी हुई।वहीं 2013-14 के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में हुई बढ़ोतरी को देखें तो उनमें तेजी से बढ़ोतरी हुई है। के मुताबिक 2016-17 के अंत तक देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर 1,01,011 किलोमीटर हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2013-14 के बाद मई 2014 में कार्यभार संभाला है और उनके 3 साल के कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। 2013-14 से लेकर 2016-17 तक राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में 21895 किलोमीटर का इजाफा हुआ है।देश में सबसे ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तर प्रदेश में हैं, दूसरे नंबर पर राजस्थान, तीसरे पर महाराष्ट्र, चौथे पर आंध्र प्रदेश और पांचवें नंबर पर मध्य प्रदेश है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 के अंत तक उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 8483 किलोमीटर, राजस्थान में 7906 किलोमीटर, महाराष्ट्र में 7435 किलोमीटर, आंध्र प्रदेश में 5465 किलोमीटर और मध्य प्रदेश में 5194 किलोमीटर दर्ज की गई है।

इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेमहाराष्ट्र में प्लास्टिक बैन: नासिक में 72 व्यक्तियों पर जुर्माना, 3.6 लाख रुपये वसूले गए****** महाराष्ट्र में पर रोक आज से लागू हो गई और पहले दिन 72 लोगों पर जुर्माना लगाया गया और उनसे 3.6 लाख रुपये वसूले गए। नासिक नगर निगम की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि नगर निगम की विभिन्न टीमें शहर के छह नगर पालिका क्षेत्रों में गईं और 23 मार्च को महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी प्लास्टिक रोक अधिसूचना के तहत उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगाया।विज्ञप्ति में बताया गया कि इस दौरान 350 किलोग्राम प्लास्टिक की चीजें भी जब्त की गई।गत 23 मार्च को राज्य सरकार ने एक बार इस्तेमाल करने वाली प्लास्टिक की थैलियों, चम्मच, प्लेट, पीईटी और पीईटीई बोतल जैसे प्लास्टिक और थर्मोकोल जैसी चीजों के उत्पादन, इस्तेमाल, बिक्री, वितरण और प्लास्टिक सामग्री के भंडारण पर रोक लगा दी थी। की अधिसूचना के तहत प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने पर पहली बार पांच हजार रुपये का जुर्माना, दूसरी बार पकड़े जाने पर दस हजार रुपये और तीसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन महीने की जेल की सजा होगी।इसवेबसाइटकीमददसेपांचमिनटमेंबनासकतेहैंदमदाररिज्यूमेIPL 2022: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई आरसीबी की मुश्किल, बोर्ड के इस फैसले के कारण राजस्थान के खिलाफ नहीं खेलेंगे मैक्सवेल******रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के मुख्य कोच माइक हेसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल नौ अप्रैल को मुंबई इंडियन्स के खिलाफ होने वाले मैच के लिये उपलब्ध रहेंगे। अनिवार्य क्वारंटीन पूरा करने के बाद टीम से जुड़ने के बावजूद मैक्सवेल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अपने अनुबंधित खिलाड़ियों के लिये तय शर्तों के कारण मंगलवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाएंगे।मैक्सवेल पाकिस्तान दौरे पर गयी ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन उन्हें आईपीएल के मौजूदा सीजन में खेलने के लिये छह अप्रैल तक इंतजार करना होगा।हेसन ने आरसीबी के आधिकारिक ट्विटर पेज पर कहा, ‘‘क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का स्पष्ट कहना है कि कोई भी अनुबंधित खिलाड़ी छह अप्रैल से पहले खेलने के लिये उपलब्ध नहीं रहेगा। इसलिए वे कब पहुंचते हैं, यह मायने नहीं रखता क्योंकि वे छह अप्रैल से पहले नहीं खेल पाएंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘अन्य टीम की तरह हम भी इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं। हमने इसके अनुरूप योजना बनायी है। मैक्सी (मैक्सवेल) नौ अप्रैल से हमारे लिये उपलब्ध रहेगा।’’ आरसीबी ने इस सत्र में अब तक दो मैच खेले हैं जिसमें से उसे एक में जीत और एक में हार मिली।

नवीनतम उत्तर (2)
2022-10-03 05:38
उद्धरण 1 इमारत
2 लाख 27 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं ने कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक ली: सरकार******केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि देश में चल रहे राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत 2.27 लाख से अधिक गर्भवती महिलाएं कोरोना वायरस रोधी टीके की पहली खुराक ले चुकी हैं। मंत्रालय ने कहा कि इसे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और चिकित्सा अधिकारियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को संक्रमण के जोखिम और टीकाकरण के लाभों के बारे में नियमित परामर्श के परिणाम के रूप में देखा जा सकता है।मंत्रालय ने कहा कि इस सतत अभियान ने को कोविड टीकाकरण को लेकर विकल्प अपनाने का अधिकार दिया है। तमिलनाडु इस मामले में सबसे आगे है, जहां 78,838 गर्भवती महिलाएं टीका लगवा चुकी हैं। आंध्र प्रदेश में 34,228, ओडिशा में 29,821, मध्य प्रदेश में 21,842, केरल में 18,423 और कर्नाटक में 16,673 गर्भवती महिलाओं ने पहला टीका लगवा लिया है। ने भय, आशंकाओं, गलत सूचनाओं, कुछ सामाजिक वर्जनाओं और मुद्दों को दूर करने के अभियान के तहत दो जुलाई को, गर्भवती महिलाओं के के संबंध में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मार्गदर्शन के लिये एक नोट साझा किया था।मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इसके बाद कार्यक्रम प्रबंधकों, सेवा प्रदाताओं और अग्रिम मोर्च पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को परामर्श देने के लिये प्रशिक्षित किया गया।राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के संबंध में सरकारी और निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों में अपनी टीमों को संवेदनशील बनाया। मंत्रालय ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को टीका लेने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते राज्यों द्वारा कई पहल की गई हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष टीकाकरण सत्र शामिल हैं।केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि वंचितों, भिखारियों और खानाबदोशों के लिए विशेष टीकाकरण सत्र का आयोजन करें जिनके पास खुद से पंजीकरण कराने की व्यवस्था व टीकाकरण के लिए संसाधन नहीं हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रयास में गैर सरकारी संगठनों, नागरिक समाज संगठनों और स्वयंसेवियों का सहयोग ले सकती है।भूषण ने कहा कि अभी तक 45 करोड़ से अधिक टीके की खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने 29 जुलाई को लिखे पत्र में कहा कि टीकाकरण जनकेंद्रित अभियान है और इसे सभी पात्र समूहों तक उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति से परे होकर पहुंचाने का प्रयास किया गया है।पत्र में कहा गया है कि संक्रमण के सर्वाधिक खतरे वाले समूहों में कोविड-19 टीकाकरण का ध्यान रखने की जरूरत है ताकि सभी को समान रूप से टीका मिल सके। पत्र में कहा गया है, ‘‘वंचितों एवं खानाबदोशों को टीका मुहैया कराए जाने की जरूरत है जिनके पास खुद से पंजीकरण कराने की सुविधा नहीं है और जिनके पास टीकाकरण के लिए संसाधन नहीं हैं। इस समूह को कवर करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश लक्षित रुख अपना सकते हैं।’’
2022-10-03 05:10
उद्धरण 2 इमारत
LG ने ग्‍लोबल मार्केट में लॉन्‍च किया G6 स्‍मार्टफोन, गूगल असिस्‍टेंस के साथ ये हैं खासियतें****** साउथ कोरिया की प्रमुख टेक्‍नोलॉजी कंपनी LG ने मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस 2017 के ठीक पहले नया स्मार्टफोन G6 लॉन्‍च कर दिया है। G6 की कीमत क्‍या होगी और कब ये भारत सहित अन्‍य बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्‍घ होगा, कंपनी ने इसकी जानकारी प्रदान नहीं की है। फिलहाल एलजी ने अपनी अमेरिकी वेबसाइट पर लिस्‍ट कर दिया है।LG इलेक्ट्रॉनिक्स के मोबाइल कम्युनिकेशन्स के प्रेसिडेंट जून चो के मुताबिक मौजूदा दौर में स्मार्टफोन में छिड़ी जंग स्पेसिफिकेशन की नहीं है, बल्कि उपयोगिता की है। खासियतों पर गौर किया जाए तो यह फोन एंड्रॉयड के लेटेस्‍ट वर्जन 7.0 नॉगेट पर चलता है। कंपनी के मुताबिक यूएक्स 6.0 स्किन के साथ आने वाला कंपनी का पहला स्मार्टफोन है।lyf Smart PhoneSwipe ने 5,499 रुपए में लॉन्‍च किया 4G VoLTE स्मार्टफोन, 2GB रैम और 8MP कैमरे से है लैसLG द्वारा की गई लिस्‍टिंग के मुताबिक फोन में 5.7 इंच का क्वाड-एचडी प्लस फुलविज़न डिस्प्ले है। इसका स्‍क्रीन रिजोल्‍यूशन 2880 x 1440 पिक्सल का है। हैंडसेट में 4 जीबी की एलपीडीडीआर4 रैम दी गई है। LG G6 32 और 64 जीबी के दो स्‍टोरेज वेरिएंट्स के साथ आएगा। माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से आप स्‍टोरेज को 2 टीबी तक बढ़ा सकते हैं।HTC ने भारतीय बाजार में उतारे U Ultra और U Play स्‍मार्टफोन, कीमत 59,990 एवं 39,990 रुपएफोन में डुअल कैमरा दिया गया है। एक कैमरा 13 मेगापिक्सल के वाइड सेंसर के साथ है। वहीं दूसरा कैमरा 13 मेगापिक्सल का है। सेल्‍फी के लिए 5 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया गया है। बैकअप के लिए 3300 एमएएच की बैटरी दी गई है। जोकि क्विकचार्ज 3.0 को सपोर्ट करती है।
2022-10-03 04:50
उद्धरण 3 इमारत
1 जून से चलने वाली 200 ट्रेनों के लिए आज से बुकिंग होगी शुरू, देखिए पूरी लिस्ट****** भारतीय रेलवे 1 जून से देश भर में 100 रूटों पर ट्रेनें शुरू करने जा रही हैं। इन 100 रूट पर दोनों ओर से 200 ट्रेनें शुरू होंगी।इन ट्रेनों में एसी और गैर एसी, दोनों तरह के कोच होंगी जो पूरी तरह आरक्षित होंगी। इन ट्रेनों में 73 एक्सप्रेस ट्रेनें, 5 दुरंतो और बाकी जन शताब्दी ट्रेनें शामिल हैं। इनके लिए आरक्षण 21 मई को सुबह दस बजे से शुरू होगा। रेलवे ने कहा कि इन ट्रेनों के लिए ई टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल एप से ही जारी किए गये जाएंगे। इनके लिए आरक्षण केन्द्रों या रेलवे स्टेशनों से कोई टिकट जारी नहीं की जाएंगी।रेलवे ने कहा कि सामान्य श्रेणी के यान भी पूरी तरह से बैठने के लिए आरक्षित होंगे। इन ट्रेनों में कोई भी कोच अनारक्षित नहीं होगा। इन ट्रेनों का किराया साामन्य होगा। आरक्षित सामान्य कोच के लिए दूसरी श्रेणी की बैठने वाली सीट का किराया लिया जाएगा। रेलवे ने कहा कि इन ट्रेनों में सभी यात्रियों को सीट उपलब्ध करायी जाएगी तथा इन ट्रेनों का संचालन एक जून से शुरू होगा।रेलवे ने कहा कि अग्रिम आरक्षण अवधि अधिकतम 30 दिन रहेगी तथा वर्तमान नियमों के तहत आरएसी और प्रतीक्षा सूची बनेगी। बहरहाल, प्रतीक्षा सूची वाले टिकट धारकों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी। रेलवे ने कहा कि इन ट्रेनों के लिए कोई अनारक्षित टिकट नहीं जारी किए जायेंगे और ना ही ट्रेन पर सवार होने के बाद कोई टिकट दिया जाएगा।सिर्फ कंफर्म टिकट वालों को ही स्‍टेशन परिसर के अंदर प्रवेश दिया जाएगा। इन ट्रेनों में आरएसी और वेटिंग टिकट भी दिए जाएंगे। लेकिन वेटिंग​ टिकट धारकों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी। इन ट्रेनों की समय सारिणी नियमित ट्रेनों की तरह ही रहेगी। इनके स्टॉपेज और फ्रिक्वेंसी भी नियमित ट्रेनों की तरह होंगे।
वापसी